सूरजपुर/राजेश राजवाड़े। उमा विंध्यवासिनी संस्कार महाविद्यालय लटोरी में जनजातीय गौरव दिवस और महान स्वतंत्रता सेनानी बिरसा मुंडा की जयंती उत्साह और सम्मान के साथ मनाई गई। कार्यक्रम के दौरान कॉलेज परिसर में आदिवासी विरासत, संघर्ष और गौरव की गूंज सुनाई दी। छात्रों व शिक्षकों ने बिरसा मुंडा के जीवन, संघर्ष और राष्ट्र निर्माण में उनके योगदान को श्रद्धापूर्वक याद किया।
कार्यक्रम की शुरुआत बिरसा मुंडा के चित्र पर माल्यार्पण के साथ हुई। प्राचार्य शिल्पी श्रीवास्तव ने अपने संबोधन में कहा कि बिरसा मुंडा केवल एक जनजातीय नेता ही नहीं, बल्कि स्वतंत्रता संग्राम के वीर योद्धा थे जिन्होंने स्वाभिमान, न्याय और अधिकारों की लड़ाई लड़ी। उन्होंने कहा कि बिरसा मुंडा का जीवन युवाओं के लिए प्रेरणा का स्रोत है और हमें उनके आदर्शों को आत्मसात करने की आवश्यकता है।

कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित हरी लाल सिंह केराम, पूर्व जनपद सदस्य जिला सूरजपुर, ने विद्यार्थियों को संबोधित करते हुए कहा कि बिरसा मुंडा ने जनजातीय समाज को एकजुट कर अन्याय और शोषण के खिलाफ लड़ने की अलख जगाई। उन्होंने कहा कि भारत आज जिन मूल्यों पर खड़ा है, उनमें बिरसा मुंडा जैसे महापुरुषों का अमूल्य योगदान शामिल है।
कार्यक्रम के दौरान छात्रों ने बिरसा मुंडा के संघर्षों और जीवन दर्शन पर प्रभावी प्रस्तुति दी। संगोष्ठी में जनजातीय गौरव की ऐतिहासिक पृष्ठभूमि और आधुनिक भारत में आदिवासी समुदाय की भूमिका पर विस्तृत चर्चा हुई। पूरे आयोजन ने महाविद्यालय में सामाजिक समरसता, सांस्कृतिक पहचान और प्रेरणा का वातावरण निर्मित किया।
