
सूरजपुर। जिले की पुलिस ने साइबर अपराध पर शिकंजा कसते हुए एक म्यूल अकाउंट होल्डर और बैंक खाता व एटीएम कार्ड खरीदने वाले आरोपी को गिरफ्तार किया है। आरोपियों ने लालच में आकर अपने बैंक खाते और एटीएम कार्ड को साइबर अपराधियों के हाथों बेच दिया था, जिससे ठगी की गई रकम को ट्रांसफर किया जाता था।
ऑनलाइन ठगी में इस्तेमाल हो रहे थे बैंक खाते
भारतीय साइबर अपराध समन्वय केंद्र (आई फोर सी) के माध्यम से सूरजपुर पुलिस को सूचना मिली कि रामानुजनगर थाना क्षेत्र के पतरापाली निवासी ओमप्रकाश साहू का एक्सिस बैंक खाता साइबर ठगी में इस्तेमाल किया गया है।
डीआईजी एवं एसएसपी प्रशांत कुमार ठाकुर ने मामले की गंभीरता को देखते हुए अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक संतोष महतो को जांच सौंपी। जांच में यह पुष्टि हुई कि एक्सिस बैंक का खाता ओमप्रकाश साहू के नाम पर है और इसका इस्तेमाल साइबर ठगी में किया गया। इस आधार पर थाना रामानुजनगर में अपराध क्रमांक 48/2025 के तहत धारा 317(4), 318(2), 61(2)(ए) बीएनएस के तहत मामला दर्ज किया गया।
कैसे हुआ साइबर ठगी का खेल?
जांच के दौरान खुलासा हुआ कि ओमप्रकाश साहू ने अपने बैंक खाता और एटीएम कार्ड को महज 5,000 रुपये में योगेंद्र कुमार साहू को सौंप दिया था। योगेंद्र ने इस खाते और एटीएम को बिलासपुर में 15,000 रुपये में किसी अन्य व्यक्ति को बेच दिया।
आगे की जांच में यह भी सामने आया कि मैसूर (कर्नाटक), चंडीगढ़ (सारंगपुर), और डिडाननगर (पश्चिम बंगाल) में इस खाते का उपयोग कर 24,900 रुपये की साइबर ठगी की गई। बैंक ट्रांजेक्शन रिकॉर्ड के अनुसार, ओमप्रकाश साहू के खाते में कुल 5,19,129 रुपये साइबर फ्रॉड से ट्रांसफर और निकाले गए।
गिरफ्तारी और आगे की कार्रवाई
मामले में ओमप्रकाश साहू (21 वर्ष, निवासी पतरापाली, थाना रामानुजनगर) और योगेंद्र कुमार साहू (27 वर्ष, निवासी लेडुआ, थाना रामानुजनगर) को गिरफ्तार कर लिया गया है। दोनों आरोपियों के खिलाफ ठोस सबूत मिलने पर पुलिस ने उन्हें हिरासत में लिया और आगे की विवेचना जारी है।
पुलिस टीम की महत्वपूर्ण भूमिका
इस कार्रवाई में अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक संतोष महतो और एसडीओपी प्रेमनगर नरेंद्र सिंह पुजारी के निर्देशन में थाना प्रभारी रामानुजनगर राजेंद्र साहू, एएसआई मनोज पोर्ते, आरक्षक दीपक यादव, कृष्णा साहू और अमलेश्वर कुमार की सक्रिय भूमिका रही।
इसे भी पढ़ें –