
सूरजपुर। साइबर ठगी के बढ़ते मामलों पर शिकंजा कसते हुए सूरजपुर पुलिस ने म्यूल अकाउंट नेटवर्क से जुड़े दो और आरोपियों को गिरफ्तार किया है। इस केस में अब तक कुल आठ लोगों की गिरफ्तारी हो चुकी है। पकड़े गए आरोपी साइबर ठगों को बैंक अकाउंट, एटीएम कार्ड और मोबाइल सिम उपलब्ध कराकर ठगी को अंजाम देने में मदद कर रहे थे। पुलिस जांच में सामने आया है कि इन खातों से अब तक 10 लाख 38 हजार रुपये का लेन-देन किया गया था।
कैसे दिया जाता था साइबर ठगी को अंजाम?
गिरफ्तार किए गए आरोपी लोगों को पैसे का लालच देकर उनसे बैंक पासबुक, एटीएम कार्ड और मोबाइल सिम हासिल करते थे। इसके बाद ये दस्तावेज साइबर अपराधियों तक पहुंचाए जाते थे, जो ठगी की रकम को विभिन्न खातों में ट्रांसफर कर उसे निकाल लेते थे। इस मामले में सूरजपुर थाना में अपराध क्रमांक 150/25, धारा 413, 420, 120बी भादवि के तहत केस दर्ज किया गया था। पहले ही इस मामले में सौरभ साहू, अमन साहू, आनंद कुमार साहू, विशाल साहू, सूर्या सोनवानी और सूरज दिवान को गिरफ्तार कर न्यायिक रिमांड पर भेजा जा चुका है।
डीआईजी-एसएसपी ने दिए थे सख्त निर्देश
डीआईजी एवं एसएसपी प्रशांत कुमार ठाकुर ने इस मामले को गंभीरता से लेते हुए अन्य आरोपियों की जल्द गिरफ्तारी के निर्देश दिए थे। विवेचना के दौरान पहले से गिरफ्तार आरोपियों से पूछताछ की गई, जिससे नए आरोपियों का सुराग मिला। पुलिस ने तत्परता दिखाते हुए सतीश अजय (46 वर्ष) एवं अंजली अजय (40 वर्ष), निवासी अन्नडोला, थाना कोसिर, जिला सारंगगढ़ को गिरफ्तार किया।
पूछताछ में हुआ बड़ा खुलासा
जांच के दौरान आरोपियों ने स्वीकार किया कि उन्होंने साइबर अपराधियों को अपने बैंक खाते, मोबाइल और एटीएम उपलब्ध कराए थे। बदले में उन्हें 20-25 हजार रुपये की रकम दी गई थी। उन्होंने यह बैंकिंग दस्तावेज सूरज दीवान को सौंपे थे, जिसने इसे सौरभ साहू को पहुंचाया। इसके बाद साइबर ठगों ने इन खातों का उपयोग कर करोड़ों रुपये की ठगी को अंजाम दिया। पुलिस ने दोनों आरोपियों के पास से बैंक पासबुक एवं आधार कार्ड जब्त कर लिए हैं।
इस टीम ने निभाई अहम भूमिका
इस पूरी कार्रवाई में अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक संतोष महतो और सीएसपी एस.एस. पैंकरा के निर्देशन में थाना प्रभारी विमलेश दुबे, एएसआई संजय सिंह और उनकी टीम ने सक्रिय भूमिका निभाई। पुलिस अब इस गिरोह से जुड़े अन्य आरोपियों की तलाश में जुट गई है।
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