सूरजपुर/राजेश राजवाड़े। 26 नवंबर 2025 को उमा विंध्यवासिनी संस्कार महाविद्यालय लटोरी में संविधान दिवस उत्साह और गरिमा के साथ मनाया गया। कार्यक्रम में सभी शिक्षक एवं विद्यार्थियों ने शामिल होकर भारत के संविधान के प्रति अपनी प्रतिबद्धता दोहराई। महाविद्यालय की प्राचार्य शिल्पी श्रीवास्तव ने उपस्थित सभी विद्यार्थियों और स्टाफ को संविधान की शपथ दिलाई तथा भारत के संविधान दिवस की हार्दिक शुभकामनाएं दीं।
कार्यक्रम के दौरान प्राचार्य श्रीवास्तव ने कहा कि भारत का संविधान स्वतंत्रता, लोकतंत्र और समानता का उज्ज्वल प्रतीक है। यह हमें न्याय, स्वतंत्रता और समरसता के मूल्यों को अपनाकर एक मजबूत और एकजुट राष्ट्र के निर्माण की प्रेरणा देता है। उन्होंने संविधान निर्माताओं के प्रति श्रद्धा व्यक्त करते हुए कहा कि उनके अद्वितीय योगदान ने भारत को मजबूत दिशा और सशक्त भविष्य प्रदान किया है।शपथ के बाद छात्रों में देशभक्ति और संविधान के प्रति जागरूकता का उत्साह साफ झलकता दिखाई दिया। इस अवसर पर कॉलेज के विद्यार्थियों ने निबंध और भाषण प्रतियोगिताओं में बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया और संविधान के महत्व, लोकतांत्रिक प्रक्रिया तथा नागरिक कर्तव्यों पर अपने विचार प्रभावशाली तरीके से प्रस्तुत किए।

शपथ के बाद छात्रों में देशभक्ति और संविधान के प्रति जागरूकता का उत्साह साफ झलकता दिखाई दिया। इस अवसर पर कॉलेज के विद्यार्थियों ने निबंध और भाषण प्रतियोगिताओं में बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया और संविधान के महत्व, लोकतांत्रिक प्रक्रिया तथा नागरिक कर्तव्यों पर अपने विचार प्रभावशाली तरीके से प्रस्तुत किए।संविधान दिवस के कार्यक्रम ने महाविद्यालय के वातावरण में राष्ट्रीय चेतना और सकारात्मक ऊर्जा का संचार किया, साथ ही छात्रों को संविधान के आदर्शों को जीवन में अपनाकर देश के विकास में योगदान देने का संदेश भी दिया।
संविधान दिवस के कार्यक्रम ने महाविद्यालय के वातावरण में राष्ट्रीय चेतना और सकारात्मक ऊर्जा का संचार किया, साथ ही छात्रों को संविधान के आदर्शों को जीवन में अपनाकर देश के विकास में योगदान देने का संदेश भी दिया।
